Sunday, January 24, 2016

ऐ जिंदगी तेरे मयख़ाने में

ऐ जिंदगी तेरे मयख़ाने में
जो थोड़ी सी मय बची हों
तो मुझको भी पिला दे
कब से खड़ा हूँ
पीने की चाह  में

जो ना प्याला हो
मेरे लिया और ना मिले कोई साकी
तो ऐसे ही पिला दे। ..

ऐ जिंदगी तेरे मयख़ाने में
जो थोड़ी सी मय बची हों
तो मुझको भी पिला दे। ...

क्या मोल दूँ तुझको इसका
की मेरी प्यास ही
इसकी बख्शीश है
सदियो से खड़ा हूँ
तेरे मयखाने केबाहर
की कभी तो मय का प्याला
मेरे होठों तक पहॅुचेगा
कभी तो मिटेगी मेरी जीवन प्यास

जाने कितने तेरे दर पे आये
आके चले गए
जाने कितने आएंगे

कुछ को दिया तूने
मए से भरा सोने का प्याला
और मिली यौवन छलकाती मधुबाला
और कुछ को मिला
टुटा फूटा मिटटी का प्याला
आधी अधूरी हाला

मुझको भी तो
पिला दे मधु का प्याला
ये जीवन हाला

ऐ जिंदगी तेरे मयख़ाने में
जो थोड़ी सी मय बची हों
तो मुझको भी पिला दे
कब से खड़ा हूँ
पीने की चाह  में


























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